उत्तराखंड

गुरु राम राय विश्वविद्यालय का विशेष एनएसएस शिविर बना सामाजिक जागरूकता का सशक्त मंच

देहरादून।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) द्वारा मोथरोवाला क्षेत्र में आयोजित 7-दिवसीय विशेष राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर ने सामाजिक जागरूकता की नई मिसाल कायम की। 19 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक चले इस शिविर में स्वयंसेवकों ने सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश गांव-गांव तक पहुँचाया।
शिविर के सफल समापन पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि छात्रों को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने की निरंतर प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक संपर्क जैसे कार्यों में युवाओं की सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि युवा शक्ति समाज परिवर्तन की धुरी बन सकती है।
कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने स्वयंसेवकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि एनएसएस के माध्यम से छात्रों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक प्रतिबद्धता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि “स्वयं से पहले आप” का मूल मंत्र शिविर के प्रत्येक कार्यक्रम में जीवंत रूप से दिखाई दिया।
राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. सुनैना रावत के मार्गदर्शन को भी विशेष रूप से सराहा गया, जिनके सहयोग से शिविर की गतिविधियाँ राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संपन्न हुईं।
शिविर का जमीनी स्तर पर सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. नवीन गौरव एवं डॉ. कमला जखमोला तथा ग्राम प्रधान सोबत चंद रमोला के कुशल समन्वय से संभव हुआ। उनके नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने मोथरोवाला क्षेत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक संवाद और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वयंसेवकों, समूह नायकों एवं वरिष्ठ स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा और सेवा भावना ने विश्वविद्यालय और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास और सहभागिता को और मजबूत किया है।
विशेष एनएसएस शिविर का यह आयोजन सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति एसजीआरआरयू की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। विश्वविद्यालय ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इस तरह की पहलें समाज को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक देने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी।

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