उत्तराखंड

संकट:देवप्रयाग क्षेत्र के इस गांव मे जल संकट पर बवाल,भूख हड़ताल शुरू,चक्का जाम की भी धमकी

नरेन्द्रनगर (वाचस्पति रयाल)। बढ़ती गर्मी में पानी के लिए तरसते देवप्रयाग विधानसभा के सौड़पानी मे ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

 

हालत यह है कि ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों की संख्या में जुटे इन ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और शासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांग पूरी न होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।

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समाज सेविका पुष्पा रावत ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।शुरुआत जिससे जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। इस दौरान, किसी अनहोनी से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था। पुष्पा रावत ने साफ तौर पर कहा कि “जब तक क्षेत्र में हर घर जल नल योजना लागू नहीं होती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी, तो आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा।

 

पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत और यूकेडी के केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह भूमाफियाओं और ठेकेदारों के प्रभाव में काम कर रही है। रावत और पुंडीर ने यह भी कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है।

 

आंदोलनकारियों ने कहा कि “जब सरकार हर घर जल नल योजना को अपनी उपलब्धि बताती है, तो दूसरी ओर नल में पानी की एक बूंद तक नहीं है। यह विडंबना नहीं तो और क्या है कि गंगा नदी के पास बसे लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।”

 

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से त्वरित समाधान की मांग की। जब जल निगम और जल संस्थान के आला अधिकारी दोपहर तक नहीं पहुंचे, तो आंदोलनकारियों ने चक्का जाम की धमकी दी। इस पर जल निगम के अधिशासी अभियंता दौलत राम बेलवाल और नरेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया गया।

 

इस आंदोलन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने यह साफ किया कि जब तक क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान नहीं होगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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