उत्तराखंड

जातिवाद का दंश: मंदिर जाने पर दलित युवक को जलती लकड़ी से पीटा, पांच पर FIR दर्ज

उत्तरकाशी। यूं तो देवभूमि उत्तराखंड अपनी खूबसूरत वादियों और धामों के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, लेकिन देश की आजादी के 8 दशक बीतने के बाद भी राज्य जातिवाद का दंश झेल रहा है, जबकि यहां कुल आबादी की 18 फीसदी जनसंख्या दलित है। बावजूद इसके कई जगहों से आज भी दलित उत्पीड़न की खबरें आती रहती हैं । राज्य के उत्तरकाशी जिले में भी दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां मोरी ब्लॉक के सालरा गांव में मंदिर में प्रवेश करने पर सवर्णों ने एक दलित युवक की जमकर पिटाई कर दी। आरोप है कि दबंगों ने दलित युवक को खंभे से बांधकर जलती लकड़ी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। अब पुलिस ने 5 सवर्णों के खिलाफ एससी एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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आरोप है कि सालरा गांव में मंदिर में प्रवेश करने पर दलित युवक को रात भर बंधक बना कर जलती लकड़ी से पीटा गया है। पीड़ित आयुष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते 9 जनवरी को शाम करीब 7 बजे वो सालरा गांव के कौंल मंदिर में दर्शन के लिए गया था। मंदिर में मौजूद कुछ लोगों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। साथ ही उसे मंदिर में बांध दिया। पीड़ित का आरोप है कि गांव के ही पांच सवर्ण लोगों ने जलती लकड़ी और अंगारों से उसे रातभर पीटा, जिससे वो बेहोश हो गया। 10 जनवरी की सुबह जब उसे होश आया तो वो नग्न अवस्था में था। ऐसे में उसने नग्न अवस्था में ही वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। आयुष ने बताया कि सवर्णों ने उसे मंदिर में प्रवेश करने पर पीटा।

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वहीं पीड़ित पक्ष ने मोरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, एसपी का कहना है कि मामले में पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने गांव के जयवीर सिंह, ईश्वर, आशीष, चैन सिंह और भग्यान आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच सीओ ऑपरेशन को सौंपी गई है। वहीं आज घटनास्थल पर जाकर जांच की जा रही है।

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