उत्तराखंड

दसवीं का परीक्षा परिणाम आया खराब तो ग्रामिणों ने स्कूल में लगाया ताला…

राजस्थानः रिज्लट का दौर चल रहा है। ऐसे में कई बच्चें पास हो रहे है तो कई असफल भी होते है। बच्चों की मेहनत के साथ ही बच्चों के रिजल्ट में शिक्षकों का भी अहम योगदान रहता है तो स्कूल का भी अहम रोल होता है। लेकिन राजस्थान से एक अलग ही मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल में 47 में से मात्र 9 बच्चे ही पास हुए। इससे ग्रामीणों में गुस्सा है और उन्होंने स्कूल पर ताला जड़ दिया है। गांव के लोग स्कूल के पूरे स्टाफ को ही बदलने की मांग कर रहे हैं।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार राज्य और राजसमंद जिले में राजस्थान बोर्ड के दसवीं का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक रहा, लेकिन जिले की पिपरड़ा ग्राम पंचायत में राजकीय हायर सेकंडरी स्कूल का रिजल्ट मात्र 19 प्रतिशत रहा। बताया जा रहा है कि स्कूल में लंबे समय से गणित विषय का अध्यापक नहीं है। इस कारण 19 विद्यार्थी पूरक तथा शेष सभी बच्चे गणित विषय में फेल हो गए। इससे नाराज होकर गांव वालों ने शुक्रवार को पहले दिन स्कूल के मेनगेट पर ताला लगा दिया और स्टाफ बदलने की मांग रखी।

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वहीं सूचना मिलने के बाद राजसमंद सीबीईओ नरोत्तम दाधीच मौके पर पहुंचे। जहां ग्रामीणों को समझाया और स्कूल के ताला खुलवाया। सीबीईओ से बातचीत के दौरान गांव वालों ने बताया कि लंबे समय से स्कूल में गणित विषय के अध्यापक का पद रिक्त पड़ा हुआ है। स्कूल में दो ही अध्यापक हैं। शेष सभी अध्यापिकाएं हैं। जो कक्षाओं में लगातार मोबाइल पर व्यस्त रहती हैं। बच्चे भी स्कूल में मोबाइल लेकर आते हैं। जिससे स्कूल में पढ़ाई कम और मोबाइल ज्यादा चलाते हैं।

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