धामी के विजन और डीएम बंसल की पहल से 136 बेटियों को मिला नया भविष्य
देहरादून। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को नया जीवन दिया। ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित “नंदा-सुनंदा” प्रोजेक्ट के 14वें संस्करण में जिलाधिकारी सविन बंसल ने 10 बालिकाओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनकी शिक्षा पुनर्जीवित कर सच्चे अर्थों में देवियों की स्तुति की। इस अवसर पर लगभग 2.03 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित इस अभिनव पहल के तहत अब तक 136 से अधिक असहाय बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है। यह प्रोजेक्ट कमजोर वर्ग की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है और बालिका शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचे। “नंदा-सुनंदा” प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में फंसी बालिकाओं को शिक्षित कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
कई बेटियों की थमी पढ़ाई को मिला नया जीवन
आराध्या, माही चौहान, सोफिया अल्वी, अनुष्का शर्मा और हर्षिता जैसी बालिकाओं की पढ़ाई पिता की मृत्यु और आर्थिक संकट के कारण बाधित हो गई थी, जिसे प्रशासन ने फिर से शुरू कराया।
मान्यता ठाकुर, जिनके परिवार पर भारी जिम्मेदारियां हैं, उनकी 10वीं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया गया।
नियति, जिनके पिता नशे की लत के कारण परिवार संभाल नहीं पा रहे, उनकी पढ़ाई भी प्रशासन ने संभाली।
नंदनी और नंदिता, जिनकी माता हृदय रोग से पीड़ित हैं, उनकी 9 महीने की फीस जमा कर शिक्षा फिर से शुरू करवाई गई।
त्रिशा, जिनकी माता का कैंसर से निधन हो गया, उनकी शिक्षा को भी प्रशासन ने नया सहारा दिया।
अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बालिकाओं को पढ़ाई में आगे बढ़ने और समाज के लिए प्रेरणा बनने का संदेश दिया। वहीं पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।



